शुक्रवार, 22 मई 2009

गुमसम तनहा बेठा होगा

गुमसमतनहा बेठा होगा

सिगरट के कश भरता होगा

उसने खिड़की खोली होगी

और गली में देखा होगा

ज़ोर से मेरा दिल धड़का है

उस ने मुझ को सोचा होगा

सच बतलाना के़सा है वो

तुम ने उस को देखा होगा

मैं तो हँसना भूल गया हूँ

वो भी शायद रोता होगा

अपने घर की छत पे बेठा

शायद तारे गिनता होगा

ठंडी रात में आग जला कर

मेरा रास्ता तकता होगा

5 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर प्रयास। देखिये एक तात्कालिक तुकबंदी-

    अपने मिल जायेंगे जग में।
    सही अर्थ में सजदा होगा।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  2. जोर से दिल....
    उसने मुझको सोचा होगा
    अछ्छा कहा-परवेज जी
    श्याम सखा

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  3. वाह............choti बहर की सुन्दर ग़ज़ल है...........लाजवाब शेर

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jatinderparwaaz@gmail.com